Bihar Fasal Sahayata Yojana: ऐसे करवाए फ्री में फसलों का बीमा

Bihar Fasal Sahayata Yojana: ऐसे करवाए फ्री में फसलों का बीमा

Bihar Fasal Sahayata Yojana: यदि आप एक किसान हैं और आप अपने फसलों का बीमा करवाना चाहते हैं, तो आप इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं। आपको बता दें सरकार की ओर से किसानों के लिए आए दिन कोई ना कोई अच्छा योजना शुरू किया जाता है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सके और उनका आई वृद्धि हो सके। खेती करने के बाद किसान को कई बार प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ता है जिससे उनका फसल बर्बाद हो जाता है, और वह आर्थिक तंगी के कारण खुदकुशी का भी रास्ता चुन लेते हैं। ऐसे में सरकार ने किसान बीमा योजना शुरू किया है जिससे किसानों का फायदा होता है। तो आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।

Bihar Fasal Sahayata Yojana

फसल सहायता योजना

किसान बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई की जाती है। आज हम जिस योजना के बारे में बात करने जा रहे हैं उस योजना का नाम फसल सहायता योजना है। आपको बता दें यह योजना बिहार सरकार ने लागू किया है जिससे सरकार किसानों की प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई भी करती है। आपको बता दें जिन राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नहीं चल रहा होता है वहां राज्य स्तर पर संचालित बीमा योजना किसानों को प्रावधान होता है, और ऐसे ही योजना के सहारे किसानों की मदद की जाती है।

किन फसलों का हो सकता है पंजीकरण 

बिहार के रहने वाले किसान अपने खेत में बोई गई फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं इस योजना के तहत। किसान अपने फसलों का पंजीकरण कराना चाहते हैं तो आप इन फसलों का पंजीकरण करवा सकते हैं। योजना के तहत राज्य में उपजाई जाने वाली अधिकांश मुख्य फसलों को शामिल किया गया है। इन फसलों में शामिल है रवि मकई, गेहूं, चना, अरहर, आलू, प्याज, राई-सरसों इन सब फसलों का पंजीकरण आप करवा सकते हैं। 

फसल की बर्बादी पर कितना मिलेगा मुआवजा 

बिहार राज्य के किसानों को फसल सहायता योजना के तहत अपने पंजीकरण कराए फसलों पर मुआवजा दिया जाएगा सरकार की ओर से। आपको बता दें प्राकृतिक आपदा के कारण अगर किसानों की फसलों का नुकसान होता है तो 20% फसल नुकसान होने पर ₹7500 प्रति हेक्टर दिया जाएगा। इसके अधिक अगर फसल की नुकसान होती है तो ₹10000 प्रति हेक्टर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। 

अलग-अलग फसल के पंजीकरण के लिए अलग-अलग तारीख निर्धारित की गई है 

  • आलू – 31  जनवरी 2022 
  • राई सरसों – 31 दिसंबर 2021
  • अरहर – 28 मार्च 2022
  • मसूर – 15 फरबरी 2022
  • चना – 31 जनवरी 2022
  • गेहूं – 26 फरवरी 2022
  • रवि मकोई – 26 फरवरी 2022
  • गन्ना – 28 फरवरी 2022 
  • प्याज़ – 15 फरवरी 2022

फसल सहायता योजना के तहत किसानों को किसी भी तरह का प्रीमियम नहीं देना होता है और यह योजना बिल्कुल फ्री होती हैं। इस योजना के तहत आपको अधिकतम 2 हेक्टर तक नुकसान की भरपाई की जाती है। बता दे इसमें रेयत और गेर रेयेत दोनों तरह के किसान पंजीकरण करवा सकते हैं। 

कैसे करना होगा पंजीकरण 

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। आप सीएससी सेंटर से भी जाकर करवा सकते हैं अपने फसलों के लिए पंजीकरण। यदि आप खुद करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले 13 डिजिट का एक नंबर प्राप्त करना होगा जिसे आप इस वेबसाइट Click here से प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आपको अधिकारिक वेबसाइट Official Website पर जाकर पंजीकरण करना है। 

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